राजनांदगांव। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध बढ़ते यौन अपराधों तथा बलात्कार के मामलों में दोषियों को कठोर दंड दिए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को जीवन दान सेवा समिति के सदस्यों ने जिला एवं सत्र न्यायालय, राजनांदगांव के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर न्याय व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि राजनांदगांव सहित देशभर में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बलात्कार, यौन शोषण और हिंसा जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका कहना था कि कई मामलों में अपराधियों को समय पर कठोर सजा नहीं मिलने के कारण उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं, जिससे समाज में भय का माहौल बना हुआ है।
समिति ने यह भी चिंता जताई कि कई मामलों में निचली अदालतों द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा बाद में उच्च न्यायालय में आजीवन कारावास में बदल जाती है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जघन्य अपराधों में दोषियों को ऐसी सजा मिले जिससे कानून का भय बना रहे और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रदर्शन के दौरान लगाए गए बैनरों पर महिलाओं के सम्मान, बेटियों की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग से जुड़े संदेश लिखे गए थे। समिति के सदस्यों ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और कठोरतम दंड दिए जाने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। समिति ने सरकार और न्यायपालिका से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और कठोर कदम उठाने की अपील की।










