भरतपुर। जनपद पंचायत भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बहरासी में मनरेगा कार्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच चंद्रभान बैगा, उपसरपंच, वार्ड पंचों और ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक आशा सेन पर मनमानी, मजदूरी भुगतान में देरी और मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक को पंचायत से हटाकर अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की है।
सरपंच चंद्रभान बैगा के अनुसार, इस मामले में पहली शिकायत 9 दिसंबर 2025 को जिला पंचायत सीईओ से की गई थी। कार्रवाई नहीं होने पर 12 जून 2026 को कलेक्टर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को दोबारा आवेदन सौंपा गया। सरपंच का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों की राय लिए बिना मनरेगा के कार्य कराए जा रहे हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है।
सरपंच ने एक मनरेगा कार्य में करीब 45 मजदूरों की कथित फर्जी हाजिरी दर्ज किए जाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में दस्तावेज अधिकारियों को सौंपे गए हैं और जांच टीम गांव पहुंचकर मामले की जांच कर चुकी है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं ग्रामीण कमलेश सिंह ने आरोप लगाया कि मनरेगा में काम करने के बावजूद कई महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। इससे मजदूरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड पंच बलजीत सिंह ने कहा कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
इधर, ग्राम रोजगार सहायक आशा सेन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ जनपद पंचायत, जिला पंचायत, कलेक्टर और मुख्यमंत्री स्तर तक शिकायतें की गई हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
मामले में जनपद पंचायत भरतपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय सिंह राठौर ने बताया कि मामले की जिला स्तरीय जांच हो चुकी है, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर दोबारा जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मनरेगा कार्यों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी तय होने पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।









