बिलासपुर। बिलासपुर–रतनपुर–पेंड्रा मुख्य मार्ग पर बांसाझाल के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां जर्जर पुल अचानक दो हिस्सों में टूटकर ढह गया। हादसे के वक्त पुल से गुजर रही एक यात्री बस टूटे हुए हिस्से के बीच फंस गई। गनीमत रही कि बस नीचे नहीं गिरी और उसमें सवार यात्रियों की जान बच गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तेज आवाज के साथ धंसा स्लैब, बीच पुल पर अटक गई बस
प्रत्यक्षदर्शियों और बस के सहचालक के मुताबिक, यात्री बस जैसे ही बांसाझाल पुल के मध्य हिस्से में पहुंची, अचानक तेज आवाज के साथ पुल का स्लैब नीचे धंस गया। देखते ही देखते पुल का हिस्सा टूट गया और बस का अगला भाग क्षतिग्रस्त हिस्से के मुहाने पर फंस गया।
अचानक हुए घटनाक्रम से बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। चालक ने स्थिति को संभालते हुए बस को संतुलित रखा। इसके बाद यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि बस नीचे नहीं गिरी और बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।
बिलासपुर–पेंड्रा मार्ग ठप, दोनों ओर लगी वाहनों की कतार
पुल टूटने के बाद बिलासपुर–रतनपुर–पेंड्रा मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बसों के साथ मालवाहक वाहन भी रास्ते में फंस गए।
इस मार्ग के बाधित होने से बिलासपुर का पेंड्रा, गौरेला और अमरकंटक की ओर सीधा आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं मध्य प्रदेश के शहडोल-जबलपुर और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर प्रशासन और पुलिस, वैकल्पिक मार्ग की कवायद
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के साथ यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
जर्जर पुल ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस घटना ने पुल की तकनीकी स्थिति और समय पर रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती या टूटे हिस्से के साथ नीचे गिर जाती, तो घटना बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुल की जर्जर स्थिति की जानकारी जिम्मेदार विभाग को पहले से थी? यदि थी, तो समय रहते इसकी मरम्मत या यातायात प्रतिबंधित क्यों नहीं किया गया?
फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि इतने गंभीर हादसे के बावजूद बस में सवार यात्री सुरक्षित हैं। प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था सामान्य करने और पुल की स्थिति का आकलन करने की कार्रवाई जारी है।










