छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; नए बस स्टैंड पर राजहंस ट्रैवल्स की बस की जांच, बिना वैध बिल दुग्ध उत्पादों की खरीद-बिक्री पर भी सख्ती के संकेत
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अंबिकापुर में रविवार तड़के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नए बस स्टैंड पर एक यात्री बस से कथित रूप से प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जब्त किया है।
जानकारी के मुताबिक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम नए बस स्टैंड पर दुग्ध उत्पादों की जांच कर रही थी। इसी दौरान राजहंस ट्रैवल्स की बस की जांच में एनालॉग पनीर मिलने की बात सामने आई। इसके बाद टीम ने संबंधित सामग्री को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।
बस संचालक और महामाया डेयरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज
मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बस संचालक एवं महामाया डेयरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि जब्त उत्पाद कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और इसके वितरण का नेटवर्क कितना बड़ा है।
तड़के कार्रवाई से कारोबारियों में हलचल
सुबह 5 बजे बस स्टैंड पर हुई इस कार्रवाई से दुग्ध उत्पादों के परिवहन और कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल मच गई। प्रशासन की कार्रवाई से साफ संकेत है कि प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के परिवहन और बिक्री को लेकर अब निगरानी और कड़ी की जा रही है।
बिना वैध बिल कारोबार किया तो होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध बिल के दुग्ध उत्पादों की खरीद-बिक्री और परिवहन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों और विक्रेताओं को दुग्ध उत्पादों की खरीद के दौरान वैध बिल एवं आवश्यक दस्तावेज रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलेभर में जारी रहेगा जांच अभियान
प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई किसी एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगी। जिलेभर में दुग्ध एवं अन्य खाद्य उत्पादों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा। संदिग्ध अथवा प्रतिबंधित उत्पाद मिलने पर नमूना संग्रह, जब्ती और प्रचलित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अंबिकापुर में हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंधित एनालॉग पनीर और बिना दस्तावेज के दुग्ध उत्पादों के कारोबार पर प्रशासन की नजर है। आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ने के साथ अन्य प्रतिष्ठानों और परिवहन माध्यमों की भी जांच की जा सकती है।










