अंबिकापुर | छत्तीसगढ़ हेडलाइन बिलासपुर में ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम में सोने की शुद्धता से जुड़े मामले के बाद छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने प्रदेशभर में मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में 20 अगस्त को अंबिकापुर में सराफा कारोबारियों ने सोने की शुद्धता, HUID, हॉलमार्क व्यवस्था, गोल्ड टेस्टिंग मशीनों की विश्वसनीयता और व्यापारिक नियमों में समानता समेत कई मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर अंबिकापुर के सराफा कारोबारी एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री कार्यालय तथा भारत सरकार के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कारोबारियों ने मांग की कि सराफा व्यापार से जुड़े नियमों को पारदर्शी बनाया जाए और ब्रांडेड तथा गैर-ब्रांडेड सभी ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के लिए समान व्यवस्था लागू की जाए।
बिलासपुर की घटना के बाद प्रदेशभर में अभियान
दरअसल, बिलासपुर में एक ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम में सामने आए सोने की शुद्धता से जुड़े मामले ने सराफा कारोबारियों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि यह विषय किसी एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सोने की शुद्धता, HUID और हॉलमार्क की विश्वसनीयता, गोल्ड टेस्टिंग मशीनों की तकनीकी शुद्धता और सीधे तौर पर उपभोक्ता हित जुड़े हुए हैं।
इसी को लेकर एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में अभियान चलाने का निर्णय लिया। 20 अगस्त को प्रदेशभर की सराफा इकाइयों ने अपने-अपने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय और भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
गोल्ड टेस्टिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
सराफा कारोबारियों ने गोल्ड टेस्टिंग की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सोने की शुद्धता जांचने वाली मशीनों की तकनीकी सटीकता बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए इन मशीनों की नियमित कैलिब्रेशन, तकनीकी जांच और सख्त निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने मांग की है कि गोल्ड टेस्टिंग की व्यवस्था स्वतंत्र और निष्पक्ष हो, ताकि व्यापारी और उपभोक्ता दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
HUID और हॉलमार्क व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
कारोबारियों ने HUID और हॉलमार्क व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट और पारदर्शी नियमों की मांग की है। उनका कहना है कि हॉलमार्क और HUID व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सोने की शुद्धता का भरोसा देना है, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया विश्वसनीय और निगरानी के दायरे में होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने HUID, हॉलमार्क और टेस्टिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं में नियमित जांच तथा जवाबदेही तय करने की मांग की है।
ब्रांडेड और स्थानीय कारोबारियों के लिए समान नियम
सराफा कारोबारियों का सबसे बड़ा जोर इस बात पर है कि ब्रांडेड और गैर-ब्रांडेड सभी ज्वेलरी प्रतिष्ठानों के लिए नियम समान होने चाहिए। कारोबारियों का कहना है कि व्यापार के लिए अलग-अलग मानक या ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे किसी एक वर्ग को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिले।
उन्होंने सरकार से सरल और समान बिलिंग नियम लागू करने की भी मांग की है, ताकि व्यापारियों को अनावश्यक जटिलताओं से राहत मिले और ग्राहकों के सामने भी कीमत व बिलिंग व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट रहे।
भ्रामक विज्ञापनों और सोने के भाव में पारदर्शिता की मांग
एसोसिएशन ने ज्वेलरी क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है। कारोबारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए किए जाने वाले विज्ञापनों में कीमत, मेकिंग चार्ज, अन्य शुल्क और वास्तविक भुगतान राशि को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।
इसके साथ ही सोने के भाव में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि ग्राहक खरीदारी से पहले वास्तविक कीमत और लागू शुल्क को समझ सके।
पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों के संरक्षण की मांग
सराफा कारोबारियों ने सरकार से पारंपरिक स्वर्ण कारीगरों और स्थानीय सराफा व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की भी मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि स्थानीय ज्वेलरी व्यवसाय से बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे व्यापारी जुड़े हुए हैं। इसलिए नीतियां बनाते समय उनके हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सरकार से निष्पक्ष व्यवस्था की उम्मीद
अंबिकापुर में ज्ञापन सौंपने पहुंचे सराफा कारोबारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक कंपनी या प्रतिष्ठान को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरे सराफा व्यापार में पारदर्शी और समान व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।
कारोबारियों का कहना है कि सोने की शुद्धता और हॉलमार्क व्यवस्था पर आम उपभोक्ता का विश्वास बना रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार को टेस्टिंग, HUID, हॉलमार्क, बिलिंग और विज्ञापन से जुड़े नियमों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने चाहिए।
अब सराफा कारोबारियों की नजर केंद्र सरकार की ओर है कि उनकी मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं। बिलासपुर की घटना के बाद शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में सराफा व्यापार से जुड़े नियमों और व्यवस्थाओं को लेकर बड़े विमर्श का रूप ले सकता है।










