नेवनारा की लोहिया पेपर मिल में मौत का खेल! 20 फीट गड्ढे में मजदूर दबा, दीवार ने ली जान; 50 लाख मुआवजे पर बवाल

बेरला। ग्राम नेवनारा स्थित लोहिया पेपर मिल में गुरुवार को काम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में काम कर रहे साजा निवासी मजदूर मोहन दास बंजारे के ऊपर अचानक कंक्रीट की दीवार भरभराकर गिर गई। भारी मलबे में दबने से मजदूर की मौत हो गई।

20 फीट गड्ढे में मजदूर, सुरक्षा के नाम पर क्या था?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी गहराई में मजदूर से काम कराया जा रहा था तो उसकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मजदूर को पर्याप्त सेफ्टी उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मौत के बाद परिजनों को सूचना देने पर भी सवाल

मृतक के परिजनों ने मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हादसे की जानकारी सीधे प्रबंधन से नहीं मिली। किसी अन्य व्यक्ति से सूचना मिलने के बाद परिजन बेरला सामुदायिक अस्पताल पहुंचे। इसके बाद अस्पताल परिसर में आक्रोश बढ़ गया।

11 लाख का चेक बनाम 50 लाख की मांग

शुक्रवार को अस्पताल के सामने मृतक के परिजन, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और भीम रेजिमेंट के लोग जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन को मौके पर बुलाने और मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।

वहीं, मिल प्रबंधन की ओर से 11 लाख रुपये का चेक देने की बात सामने आई है। लेकिन परिजन 50 लाख रुपये की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी को लेकर अस्पताल परिसर में तनाव और हंगामे की स्थिति बनी हुई है।

अब सवालों के घेरे में मिल प्रबंधन

एक मजदूर की मौत के बाद अब सवाल सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा और कथित लापरवाही की जवाबदेही का भी है। आखिर 20 फीट गहरे गड्ढे में मजदूर को किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था के बीच काम कराया जा रहा था? हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

फिलहाल 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है और पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

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