सक्ती के बाराद्वार पीएम आवास फर्जीवाड़ा: दोषियों पर कसेगा शिकंजा, कलेक्टर बोले– जरूरत पड़ी तो होगी एफआईआर

सक्ती। नगर पंचायत बाराद्वार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन-प्रशासन और करीब 300 गरीब परिवारों को धोखा देने के मामले में अब कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में पटवारी और नगर पंचायत के कुछ अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि शासकीय घास मद की भूमि से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर कूटरचना कर प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता संबंधी रिकॉर्ड तैयार किए गए।

मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि करीब 10 डिसमिल भूमि, जहां सामान्य परिस्थितियों में सीमित संख्या में ही मकान बन सकते हैं, उसके लिए 50 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों से संबंधित दस्तावेज तैयार कर दिए गए। इसी आधार पर योजना के लाभार्थियों से जुड़े रिकॉर्ड भी तैयार किए जाने की बात सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले के उजागर होने के बाद अब राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। आरोप है कि सत्ताधारी दल के कुछ जनप्रतिनिधि मामले को दबाने और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष ढंग से जारी है और सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा और अनियमितता के आरोप सही पाए गए, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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