औरैया | छत्तीसगढ़ हेडलाइन। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति को करीब डेढ़ वर्ष पहले मृत मानकर उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह अचानक जीवित अपने घर लौट आया। इस घटना से परिवार, गांव और पुलिस प्रशासन सभी हैरान हैं।

जानकारी के अनुसार, अजीतमल कोतवाली क्षेत्र निवासी कमल सिंह पारिवारिक विवाद के बाद करीब डेढ़ साल पहले घर छोड़कर चले गए थे। इस बीच हाईवे किनारे एक अज्ञात शव मिलने पर उसकी पहचान कमल सिंह के रूप में की गई। पुलिस की प्रक्रिया के बाद परिजनों ने भी शव को कमल सिंह मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया था।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पुलिस पूछताछ के दौरान कमल सिंह की पत्नी सुनीता के पास एक फोन कॉल आया। बातचीत में पता चला कि कमल सिंह जीवित हैं और इटावा में मौजूद हैं। सूचना मिलने के बाद कमल सिंह अपने गांव लौटे, जहां उन्हें देखकर परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए।
कमल सिंह ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह पानीपत, इटावा और ग्वालियर में मजदूरी करते रहे। इसी दौरान एक दुर्घटना में उनका पैर टूट गया, जिसके कारण वे लंबे समय तक परिवार से संपर्क नहीं कर सके।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस शव की पहचान कमल सिंह के रूप में कर अंतिम संस्कार किया गया था, वह वास्तव में किस व्यक्ति का था। पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है और अज्ञात शव की वास्तविक पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।










