अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ हेडलाइन सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का अधिकारी बताकर आबकारी अधिकारी से शराब और नगदी की मांग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई को आबकारी विभाग में पदस्थ अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का अधिकारी बताते हुए रौब झाड़ना शुरू कर दिया। आरोपी ने आबकारी अधिकारी पर दबाव बनाते हुए छह बोतल शराब और नगदी राशि उपलब्ध कराने की मांग की। बातचीत के दौरान कॉल करने वाले का व्यवहार और भाषा संदिग्ध लगने पर अधिकारी को धोखाधड़ी की आशंका हुई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आबकारी अधिकारी ने तत्काल गांधीनगर थाना पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने संदेही सौरभ प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपने दो साथियों राजेश पुरी और रंजीत गुप्ता के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 27 जुलाई को वे सुभाषनगर स्थित शराब दुकान के पास मिले थे और वहीं शराब का भुगतान किए बिना शराब हासिल करने की योजना बनाई। योजना के तहत आबकारी अधिकारी को फोन कर स्वयं को ACB अधिकारी बताया गया, ताकि सरकारी कार्रवाई का भय दिखाकर शराब और नगदी आसानी से हासिल की जा सके।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम देने की कोशिश की गई थी। आरोपियों ने सरकारी अधिकारी का नाम और पद का दुरुपयोग कर विश्वास पैदा करने का प्रयास किया, लेकिन आबकारी अधिकारी की सतर्कता के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। समय रहते पुलिस को सूचना मिलने से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन्होंने इसी तरह की वारदात पहले भी तो नहीं की है या उनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को धमकाना, दबाव बनाकर अवैध लाभ लेने का प्रयास करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा मामले की विवेचना जारी है।










