चिरमिरी (एमसीबी) | छत्तीसगढ़ हेडलाइन चिरमिरी क्षेत्र की SECL कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था की बदहाली अब गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। लगातार हो रही बारिश के बीच कॉलोनियों की अधिकांश नालियां कचरे और गाद से पूरी तरह जाम हो चुकी हैं। कई स्थानों पर गंदा पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में फैल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात इतने खराब हैं कि घरों के बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
रहवासियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई का कोई असर दिखाई नहीं देता। कॉलोनियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है और बरसात के दौरान स्थिति और अधिक भयावह हो गई है। लोगों का कहना है कि कागजों में सफाई के दावे किए जाते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों की मिलीभगत के कारण वर्षों से सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता।
रहवासियों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो उसका लाभ कॉलोनियों में क्यों नहीं दिखाई दे रहा। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सफाई कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करने की मांग भी उठाई है।
नगर निगम और SECL के बीच जिम्मेदारी का विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार जब वे सफाई की शिकायत लेकर नगर निगम चिरमिरी पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि संबंधित क्षेत्र SECL कॉलोनी होने के कारण यह नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और इसकी जिम्मेदारी SECL की है। दूसरी ओर, नागरिकों का आरोप है कि SECL की ओर से भी नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा रही है।
इस जिम्मेदारी के विवाद के बीच सबसे अधिक परेशानी कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि विभागीय खींचतान के कारण उनकी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में जाम नालियां और गंदा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कॉलोनी के कई हिस्सों में लगातार बदबू और गंदगी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों की प्रमुख मांगें
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, SECL प्रबंधन और संबंधित विभागों से मांग की है कि—
SECL कॉलोनियों में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
जाम नालियों की मशीनों से सफाई कराई जाए।
कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित किया जाए।
मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और दवा का छिड़काव कराया जाए।
सफाई कार्यों और टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत
बारिश के इस मौसम में यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो यह समस्या जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट बन सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन इस मुद्दे पर संबंधित विभागों और SECL प्रबंधन का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। यदि संबंधित अधिकारी अपना आधिकारिक बयान जारी करते हैं, तो उसे समाचार में यथास्थान शामिल किया जाएगा, ताकि पाठकों के सामने मामले का संतुलित पक्ष भी प्रस्तुत किया जा सके।










