कांकेर। जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रावासों में दो बच्चों की मौत के बाद अब एक और महिला की जान जाने का मामला सामने आया है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के चीज़गांव में रहने वाली एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने समय पर उपचार और एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मलेरिया की पुष्टि के बाद भी नहीं पहुंची मेडिकल टीम
जानकारी के अनुसार, भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम चीज़गांव के आवासपारा निवासी राकेश्वरी कल्लो की मंगलवार सुबह मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि एक दिन पहले गांव की मितानिन ने जांच के दौरान महिला को मलेरिया पॉजिटिव पाया था और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी थी। महिला को प्रारंभिक दवा भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन आरोप है कि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करने गांव नहीं पहुंची।
मंगलवार सुबह महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, लेकिन उनके अनुसार एंबुलेंस काफी देर बाद गांव पहुंची। गंभीर हालत में महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
निर्देशों के बावजूद व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ऐसे समय सामने आई है जब जिले में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को देखते हुए प्रशासन पहले से अलर्ट मोड में है। हाल ही में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य अमले को मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
इसी दिन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कांकेर पहुंचे थे, जहां उन्होंने बस्तर संभाग के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मलेरिया नियंत्रण की समीक्षा की। इसके बावजूद एक और मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन महीने पहले बनी थीं जुड़वा बच्चियों की मां
राकेश्वरी कल्लो ने करीब तीन महीने पहले जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। उनकी असामयिक मौत के बाद दोनों नवजात बच्चियां अब मां के स्नेह से वंचित हो गई हैं। इस घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
बढ़ती मौतों से बढ़ी चिंता
कांकेर जिले में लगातार सामने आ रहे मलेरिया के मामलों और मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रभावशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच में क्या निष्कर्ष निकालता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।
नोट: महिला की मौत को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने इलाज एवं एंबुलेंस में देरी के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।










