जल संकट से बेहाल गेल्हापानी: आंदोलन, चक्का जाम और वादों के बाद भी नहीं बदले हालात

चिरमिरी/एमसीबी। चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के गेल्हापानी में वर्षों से पानी की समस्या लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। बार-बार मोटर खराब होना, पाइपलाइन फटना और जलापूर्ति बाधित होना यहां की आम बात बन चुकी है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने, नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। कई बार अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

चक्का जाम से धरना-प्रदर्शन तक, फिर भी नहीं निकला समाधान

पानी की समस्या को लेकर क्षेत्र के लोगों ने कई बार चक्का जाम, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किए। जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए लगातार संघर्ष किया गया, लेकिन आज तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

जनता ने खुद उठाई जिम्मेदारी

क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब-जब मोटर खराब हुई या पाइपलाइन फटी, तब-तब स्थानीय लोगों ने खुद आगे बढ़कर आर्थिक सहयोग और श्रमदान किया, ताकि जलापूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके। कई बार लोगों ने चंदा इकट्ठा कर मरम्मत भी कराई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही समस्या सामने आ गई।

SECL और नगर निगम पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि SECL और चिरमिरी नगर निगम के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। दोनों संस्थाओं के बीच समन्वय की कमी का असर सीधे क्षेत्रवासियों पर पड़ रहा है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।

स्थायी समाधान की मांग

गेल्हापानी के नागरिकों ने प्रशासन, SECL और चिरमिरी नगर निगम से मांग की है कि पूरे जलापूर्ति तंत्र का तकनीकी सर्वे कराया जाए, जर्जर पाइपलाइन बदली जाए, मोटरों की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि लोगों को बार-बार पानी के संकट का सामना न करना पड़े।

बड़ा सवाल…

जब जनता आंदोलन कर चुकी, चक्का जाम कर चुकी, धरना-प्रदर्शन कर चुकी और यहां तक कि मोटर व पाइपलाइन की मरम्मत में भी अपना सहयोग दे चुकी, तो आखिर जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी कब निभाएंगे? आखिर गेल्हापानी के लोगों को पानी के लिए कब तक संघर्ष करना पड़ेगा?

 

छत्तीसगढ़ हेडलाइन की अपील

यदि आपके क्षेत्र में भी पेयजल, सड़क, बिजली या अन्य जनसमस्याएं हैं, तो उनकी जानकारी हमें भेजें। आपकी आवाज़ को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।

1 thought on “जल संकट से बेहाल गेल्हापानी: आंदोलन, चक्का जाम और वादों के बाद भी नहीं बदले हालात”

  1. इस खबर को लगाने के लिए और गेल्हापानी की जल संकट जैसी मुद्दे को उठाने के लिये दिल से आभार धन्यवाद शुक्रिया

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