चिरमिरी नगर निगम की सामान्य सभा स्थगित, विपक्ष ने महापौर पर साधा निशाना; जाति प्रमाण पत्र समेत कई अहम मुद्दे अधर में
चिरमिरी (एमसीबी) छत्तीसगढ़ हेडलाइन। नगर पालिका निगम चिरमिरी की 31 जुलाई 2026 को प्रस्तावित महत्वपूर्ण सामान्य सभा स्थगित होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने सभा स्थगित होने को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि महापौर और मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) सदस्यों के बीच कथित आपसी खींचतान के कारण सामान्य सभा आयोजित नहीं हो सकी। उनका कहना है कि इस बैठक में लंबे समय से लंबित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय होना था, जिनमें सबसे प्रमुख जाति प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित प्रस्ताव शामिल था।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से अनेक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, प्रवेश और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, करीब एक वर्ष से लंबित यह प्रस्ताव अब भी स्वीकृति का इंतजार कर रहा है।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य सभा स्थगित होने से शहर की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास कार्यों और कथित भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर भी टल गया। उन्होंने कहा कि यदि नियमित रूप से सामान्य सभा नहीं होगी तो जनहित से जुड़े मामलों का समाधान कैसे होगा।
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने महापौर से जवाब मांगते हुए कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारियों से कब तक बचा जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के सवालों का सामना करने से बचने के लिए बैठक स्थगित की गई। उन्होंने कहा कि चिरमिरी की जनता ने जनप्रतिनिधियों को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए चुना है, इसलिए नगर निगम को पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन– हालांकि, सामान्य सभा स्थगित होने के कारणों को लेकर नगर निगम प्रशासन या महापौर की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके पक्ष के सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।










