₹2000 दो… वरना फाइल भूलो ” बसना SDM कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, मृतक की मां से मुआवजे की फाइल बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

बाबू पर ₹2 हजार मांगने का आरोप; वायरल वीडियो में चार लोगों के लिए ₹500-₹500 की ‘हिस्सेदारी’ की कथित चर्चा, पीड़ित पक्ष ने कलेक्टर से की शिकायत

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सामने आए एक कथित रिश्वतखोरी के वीडियो ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला बसना एसडीएम कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां मृतक के परिजन को शासन से मिलने वाली मुआवजा राशि की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में कथित तौर पर **2 हजार रुपये की मांग किए जाने का आरोप** है।

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप किसी सामान्य सरकारी काम को लेकर नहीं, बल्कि अपने बेटे को खो चुकी एक मां को मिलने वाली मुआवजा राशि से जुड़ी फाइल को लेकर है।

मृत बेटे के मुआवजे के लिए दफ्तर के चक्कर, फिर ₹2000 की कथित मांग

पीड़ित पक्ष के मुताबिक, घासोबाई अपने मृतक पुत्र के प्रकरण में शासन से मिलने वाली मुआवजा राशि की फाइल पास कराने के लिए कई दिनों से बसना एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी ने फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में कथित तौर पर 2,000 रुपये की मांग की।

इस पूरे मामले से जुड़ा बताया जा रहा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

₹500-₹500 की ‘हिस्सेदारी’ की बात ने बढ़ाए सवाल

वायरल वीडियो में कथित तौर पर सबसे चौंकाने वाली बात चार अलग-अलग लोगों के लिए 500-500 रुपये की हिस्सेदारी की चर्चा है।

यदि जांच में वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो सवाल केवल एक कर्मचारी की भूमिका तक सीमित नहीं रहेगा। यह जांच का विषय होगा कि कथित रकम में जिन अन्य लोगों की हिस्सेदारी की बात कही जा रही है, वे कौन हैं और क्या इस तरह की कोई व्यवस्था कार्यालय में चल रही थी।

 

हालांकि, ‘छत्तीसगढ़ हेडलाइन’ वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।आरोपों की वास्तविकता और संबंधित लोगों की भूमिका आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, कार्रवाई की मांग

पीड़ित पक्ष ने मामले की शिकायत महासमुंद कलेक्टर से करते हुए समयबद्ध और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर भ्रष्टाचार निवारण कानून सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

मुआवजे पर भी ‘रिश्वत’ ? प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

वायरल वीडियो ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—यदि किसी मृतक के परिवार को मिलने वाली सरकारी सहायता और मुआवजे की फाइल के लिए भी पैसे मांगे जाने के आरोप सामने आएं, तो आम नागरिक व्यवस्था पर भरोसा कैसे करे?

सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात लगातार की जाती है। ऐसे में बसना एसडीएम कार्यालय से जुड़ा यह कथित मामला प्रशासन के लिए भी परीक्षा बन गया है।

अब निगाहें महासमुंद जिला प्रशासन पर हैं।

क्या वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर तत्काल जांच शुरू होगी?

क्या वीडियो में कथित तौर पर सामने आई ₹500-₹500 की ‘हिस्सेदारी’ की बात की तह तक प्रशासन पहुंचेगा?

या फिर यह मामला भी जांच और फाइलों के बीच उलझकर रह जाएगा?

फिलहाल इन सवालों के जवाब जिला प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई से ही सामने आएंगे।

डिस्क्लेमर: यह खबर पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आए कथित वायरल वीडियो पर आधारित है। ‘छत्तीसगढ़ हेडलाइन’ वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित कर्मचारी/अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

 

 

 

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