
15 अगस्त से पहले आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, किराए के मकान में चल रहा था शराब बनाने का धंधा; आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
अंबिकापुर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से ठीक पहले अंबिकापुर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे ठिकाने का भंडाफोड़ किया है, जहां एक-दो नहीं बल्कि 8 भट्ठियों में महुआ शराब बनाने का कारोबार संचालित किया जा रहा था। आबकारी टीम ने मौके से भारी मात्रा में महुआ लाहन, तैयार शराब और शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण एवं बर्तन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई अंबिकापुर के संकटमोचन मंदिर पटपरिया इलाके में एक किराए के मकान में की गई। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने मकान में दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम को शराब निर्माण का पूरा इंतजाम मिला, जिसके बाद मौके पर मौजूद आरोपी अर्जुन कुजूर को गिरफ्तार कर लिया गया।
8 भट्ठियों में तैयार हो रही थी अवैध महुआ शराब
आबकारी विभाग के अनुसार आरोपी के ठिकाने पर 8 भट्ठियां संचालित मिलीं। यहां महुआ लाहन से अवैध रूप से शराब तैयार की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 480 किलो महुआ लाहन और 70 लीटर तैयार महुआ शराब बरामद की। इसके अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे बर्तन, उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। बरामद सामान से अंदाजा लगाया जा रहा है कि ठिकाने पर लंबे समय से अवैध शराब निर्माण का कारोबार संचालित किया जा रहा था।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची आबकारी टीम
आबकारी विभाग को इस अवैध कारोबार की सूचना मुखबिर के माध्यम से मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से संकटमोचन मंदिर पटपरिया स्थित किराए के मकान में दबिश दी। अचानक हुई कार्रवाई से अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान मौके से आरोपी अर्जुन कुजूर को पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क)(च), 34(2) और 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड लेकर जेल भेज दिया गया है।
15 अगस्त से पहले अवैध शराब के खिलाफ सख्ती
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। इस कार्रवाई को सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार में जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है।
नशा मुक्त भारत अभियान से भी जुड़ा है संदेश
गौरतलब है कि केंद्र सरकार का ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) 15 अगस्त 2020 को शुरू किया गया था। अभियान का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के माध्यम से नशामुक्त समाज की दिशा में काम करना है। यह अभियान अब देशभर में संचालित है और इसमें युवाओं, महिलाओं, शैक्षणिक संस्थानों तथा समुदाय की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में भी नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस से पहले अंबिकापुर में अवैध महुआ शराब के निर्माण केंद्र का पकड़ा जाना प्रशासन की ‘नशे के खिलाफ सख्ती’ की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी
अवैध शराब का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि परिवार और समाज से जुड़ी गंभीर समस्या भी है। नशा मुक्त भारत अभियान का मूल जोर भी केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास से जोड़ना तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। ऐसे में 15 अगस्त के अवसर पर देश की आजादी के साथ नशे से आजादी का संकल्प भी समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश बन सकता है।
अंबिकापुर की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संकेत देती है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग की नजर बनी हुई है और सूचना मिलने पर ऐसे ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।










