चमोली टनल हादसा: पानी और मलबे के सैलाब में 7 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और भारी मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ, जहां अचानक हुए भूस्खलन और पानी के तेज बहाव के कारण कई श्रमिक अंदर फंस गए। हादसे के बाद प्रशासन और बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार टनल के अंदर उस समय 22 मजदूर मौजूद थे। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कई श्रमिकों को बाहर निकाला गया, जबकि 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ श्रमिकों के अब भी लापता होने की सूचना के बीच तलाश अभियान जारी है।

अचानक घुसा पानी और मलबा

बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम करीब 7 बजे टनल के भीतर अचानक भूस्खलन हुआ। इसके बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा सुरंग के अंदर तेजी से भरने लगा। देखते ही देखते टनल का एक बड़ा हिस्सा पानी और मलबे से प्रभावित हो गया। हादसे के समय काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। बचाव दलों को भी सुरंग के अंदर बढ़ते पानी और मलबे के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूर भी प्रभावित

इस हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूरों के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में इन राज्यों के श्रमिक शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में घायल श्रमिकों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छत्तीसगढ़ निवासी एक घायल श्रमिक ने बताया कि वह टनल के अंदर सरिया बांधने का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हुआ और पानी तथा मलबा तेजी से अंदर आने लगा। इस घटना ने टनल के भीतर मौजूद मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मचा दी।

NDRF-SDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए NDRF, SDRF, ITBP और अन्य बचाव दलों को अभियान में लगाया गया है। सुरंग के अंदर पानी और मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को लगातार चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बचाव अभियान के साथ-साथ लापता श्रमिकों की तलाश की जा रही है।

पहले भी सामने आई थी घटना

बताया गया है कि इसी परियोजना की टनल में इससे पहले भी एक घटना सामने आ चुकी है। अब ताजा हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंग की सुरक्षा व्यवस्था और भूगर्भीय परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे सभी श्रमिकों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

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