चिरमिरी। बरतुंगा क्षेत्र में SECL प्रबंधन द्वारा मुख्य मार्ग को JCB से खोदकर बंद किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ DAV स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की आवाजाही को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना के रातों-रात मुख्य मार्ग को खोदकर आवागमन बंद कर दिया गया। सड़क पर मिट्टी, मलबा और बड़े-बड़े पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जिसके चलते आम लोगों के लिए रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है।
रातों-रात रास्ता बंद, जनता परेशान
बरतुंगा मुख्य मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मार्ग बंद होने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को अब वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे दूरी और परेशानी दोनों बढ़ सकती हैं।
मौके पर लगाए गए सूचना बोर्ड में भी “आगे रास्ता बंद है, कृपया परिवर्तित मार्ग का प्रयोग करें” लिखा गया है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस वैकल्पिक मार्ग की ओर लोगों को भेजा जा रहा है, वह हर वर्ग के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित नहीं है।
DAV स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर चिंता DAV स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को लेकर सामने आ रही है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग बेहद जरूरी है। ऐसे में मुख्य मार्ग बंद कर वैकल्पिक रास्ते पर निर्भरता बढ़ाना बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की चिंता दोनों को बढ़ा सकता है।
सवाल उठ रहा है कि यदि मुख्य मार्ग बंद करना आवश्यक था तो क्या पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई?
SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय लोगों ने SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग को बंद करने से पहले प्रभावित लोगों को पर्याप्त जानकारी और सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी।
लोगों का आरोप है कि जिस तरीके से JCB से सड़क खोदकर रास्ता बंद किया गया, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि आम जनता की परेशानी को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
हालांकि, मार्ग बंद करने के कारण और SECL प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण करे और यह सुनिश्चित करे कि मार्ग बंद होने से आम नागरिकों तथा स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
लोगों की मांग है कि यदि मार्ग बंद रखना जरूरी है तो सुरक्षित, सुगम और व्यवहारिक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।
अब सवाल व्यवस्था पर है
बरतुंगा में मुख्य मार्ग बंद होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जनता की परेशानी और DAV स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोई ठोस समाधान निकलेगा?
फिलहाल सड़क पर पड़ा मलबा और बंद रास्ता व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग अब प्रशासन और SECL प्रबंधन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।










