देवभोग | छत्तीसगढ़ हेडलाइन देवभोग पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 क्विंटल 51 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 75 लाख रुपये है। मामले में पुलिस ने दो अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार तस्कर गांजे को बेहद शातिराना तरीके से मेटाडोर वाहन के टायरों के अंदर छिपाकर परिवहन कर रहे थे। पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वाहन की जांच की, जिसके बाद तस्करी का यह बड़ा मामला सामने आया।
टायर के अंदर छिपाया था गांजा
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे को सामान्य तरीके से वाहन में रखने के बजाय टायरों के अंदर छिपाकर रखा था। जांच के दौरान पुलिस को संदेह होने पर वाहन के टायरों की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई।
बरामद गांजे का कुल वजन करीब 151 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे मेटाडोर वाहन को जब्त कर लिया है।
दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में गांजा कहां से लाया गया था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस अब इस पूरे मामले के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का फोकस गांजा सप्लाई करने वाले और इसे खपाने वाले लोगों तक पहुंचने पर भी है।
ऑपरेशन निश्चय के तहत लगातार कार्रवाई
देवभोग पुलिस की यह कार्रवाई ऑपरेशन निश्चय के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक बीते 8 महीनों में करीब 5 करोड़ 17 लाख रुपये कीमत के गांजे के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए सक्रिय है। बड़े पैमाने पर गांजा परिवहन करने वाले तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस अब तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
75 लाख के गांजे की खेप ने बढ़ाई चिंता
एक ही वाहन से करीब 75 लाख रुपये कीमत का गांजा बरामद होना इस बात की ओर इशारा करता है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। टायर के अंदर गांजा छिपाकर परिवहन करना तस्करों की इसी रणनीति को दर्शाता है।
अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस खेप के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
देवभोग पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को गांजा तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।










