तखतपुर में सड़क या तालाब? गड्ढों में मछली पकड़कर कांग्रेस ने प्रशासन को घेरा

तखतपुर | छत्तीसगढ़ हेडलाइन | विशेष रिपोर्ट|  तखतपुर की सड़कें बदहाल हैं या फिर शहर में नए तालाब बनाए जा रहे हैं? बुधवार को कांग्रेस के अनोखे विरोध प्रदर्शन ने यह सवाल प्रशासन के सामने खड़ा कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग 130-ए समेत नगर की खराब सड़कों और जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर भरे पानी में उतर गए और बाकायदा मछली पकड़कर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में भरा पानी अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है।

कांग्रेस ने इसी स्थिति को अपने विरोध का हथियार बनाया। कार्यकर्ता पानी और कीचड़ के बीच बैठे, नारेबाजी की और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध जताया।

गड्ढे ऐसे कि सड़क ढूंढना मुश्किल!

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि तखतपुर की कई सड़कों की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। बारिश होते ही सड़क के गड्ढे पानी से भर जाते हैं। इसके बाद वाहन चालकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आगे सड़क है या गहरा गड्ढा? दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी खतरनाक बताई जा रही है। पानी के नीचे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण अचानक वाहन का पहिया गड्ढे में जाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

कांग्रेस का तंज—सड़क नहीं, तालाब में चल रही जनता!

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गड्ढों में मछली पकड़कर प्रशासन और सरकार पर तीखा तंज कसा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सड़क की मरम्मत नहीं हो सकती तो कम से कम इन गड्ढों को तालाब घोषित कर दिया जाए, ताकि लोग यह समझ सकें कि उन्हें सड़क से गुजरना है या पानी के बीच से। यह प्रदर्शन केवल विरोध नहीं बल्कि सड़क की जमीनी स्थिति का प्रतीकात्मक प्रदर्शन था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन तखतपुर की सड़कों पर जनता को बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

रात में और खतरनाक हो जाती है सड़क

दिन के समय किसी तरह पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन रात में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। सड़क पर जमा पानी गड्ढों की वास्तविक गहराई को छिपा देता है। ऐसे में तेज रफ्तार या अनजान वाहन चालक अचानक गड्ढे में जा सकता है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है, तभी क्या प्रशासन जागेगा?

राष्ट्रीय राजमार्ग 130-ए पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 130-ए की स्थिति को लेकर भी कांग्रेस ने प्रशासन और संबंधित विभाग को घेरा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मार्ग लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है, लेकिन खराब सड़क और जलभराव के कारण लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि केवल गड्ढों में मिट्टी या मुरुम डालकर खानापूर्ति करने के बजाय स्थायी और गुणवत्तापूर्ण सड़क मरम्मत कराई जाए।

प्रशासन के सामने बड़ा सवाल—आखिर कब सुधरेंगी सड़कें?

कांग्रेस ने प्रशासन से सवाल किया कि जब सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

क्या जिम्मेदार विभाग ने सड़कों का निरीक्षण नहीं किया?

क्या जलभराव वाले स्थानों की पहचान नहीं की गई?

और सबसे बड़ा सवाल—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता टैक्स और विभिन्न माध्यमों से सरकार को राजस्व देती है। बदले में जनता को सुरक्षित और बेहतर सड़क मिलना उसका अधिकार है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि सड़कों की स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

पार्टी नेताओं ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग 130-ए सहित नगर की खराब सड़कों का तत्काल निरीक्षण कराने, गड्ढों की मरम्मत कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने फिलहाल प्रशासन के सामने एक असहज सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—

“तखतपुर की जनता सड़क पर चल रही है या गड्ढों में तैर रही है ?”

अब देखना यह है कि गड्ढों में मछली पकड़ने के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागता है या फिर अगली बारिश तक जनता इन्हीं गड्ढों के बीच सफर करने को मजबूर रहती है।

 

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