महासमुंद। जिले के झलप क्षेत्र के ग्राम छिलपावन में सूकरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) की पुष्टि हुई है। पशु चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर भोपाल स्थित NIHSAD ने जांच के बाद संक्रमण की पुष्टि की है।
जिला प्रशासन ने अफ्रीकन स्वाइन फीवर को सूकरों में होने वाला अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ASF सूकरों से मनुष्यों में नहीं फैलता।
संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रभावित क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, महासमुंद को संक्रमित जोन में उपलब्ध सूकरों की कलिंग, सर्विलेंस और सैनिटाइजेशन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित पशुपालकों के सूकरों और उनके आहार का विनिष्टीकरण भी किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार क्षतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है।
10 किलोमीटर तक क्षेत्र में निगरानी और प्रतिबंध
प्रशासन ने संक्रमित क्षेत्र के आसपास 1 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ‘इन्फेक्टेड जोन’ और 1 से 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र को ‘सर्विलेंस जोन’ घोषित किया है। इन्फेक्टेड जोन में क्वारेंटाइन और अन्य आवश्यक कार्रवाई के साथ सूकर एवं सूकर उत्पादों की बिक्री से जुड़ी दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं संक्रमित क्षेत्र से 10 किलोमीटर के दायरे में जीवित सूकरों और उनके उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस आदेश का पालन संबंधित तहसीलदार, पुलिस और परिवहन अधिकारियों के माध्यम से कराया जाएगा।
रैपिड रिस्पांस टीम करेगी कलिंग
संक्रमित जोन के सूकरों की कलिंग रैपिड रिस्पांस टीम के माध्यम से कराई जाएगी। मृत एवं कलिंग किए गए सूकरों तथा संक्रमित सूकर आहार के डिस्पोजल और डिसइन्फेक्शन की कार्रवाई निर्धारित राष्ट्रीय कार्ययोजना के अनुसार की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कलिंग, डिस्पोजल, डिसइन्फेक्शन और सर्विलेंस से संबंधित कार्रवाई की प्रतिदिन रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार की National Action Plan for Control, Containment and Eradication of African Swine Fever, June 2020 के अनुरूप संक्रमण की रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
छिलपावन में ASF की पुष्टि के बाद प्रशासन की सख्ती से सूकरों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।










