शराब दुकान के पास मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, बीच-बचाव करने वाला युवक भी नहीं बचा; शहर में बढ़ते आपराधिक दुस्साहस पर उठे गंभीर सवाल
अंबिकापुर। महज 70 रुपये का उधार.. और उसके बाद चाकू से हमला! अंबिकापुर में एक मामूली विवाद ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि दो युवकों को गंभीर चोटें आईं, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचा एक युवक भी चाकू के वार से घायल हो गया। घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र के भगवानपुर अंग्रेजी शराब दुकान के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 70 रुपये के उधार को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हुआ था। शुरुआत में मामला मामूली नजर आ रहा था, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पिता-पुत्र ने कथित तौर पर चाकू निकाल लिया और दो युवकों पर हमला कर दिया।
70 रुपये के लिए निकला चाकू, मच गई चीख-पुकार
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपी पिता-पुत्र ने दोनों युवकों पर चाकू से वार किए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चाकू के वार से दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक घायल युवक को 41 टांके, जबकि दूसरे घायल युवक को 22 टांके लगाए गए हैं।
बीच-बचाव करना भी पड़ा भारी
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विवाद शांत कराने और बीच-बचाव करने पहुंचे एक युवक को भी आरोपियों ने कथित तौर पर नहीं बख्शा। उस पर भी चाकू से हमला कर दिया गया।
यानी कुछ रुपयों से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तीन युवकों के घायल होने तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
मामूली विवाद से चाकूबाजी तक कैसे पहुंच रहा शहर
अंबिकापुर में सामने आई यह घटना सिर्फ 70 रुपये के विवाद की कहानी नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर मामूली कहासुनी इतनी जल्दी हिंसा और चाकूबाजी में क्यों बदल रही है?
कुछ रुपये, छोटी-सी कहासुनी और देखते ही देखते हाथों में चाकू—अगर ऐसे मामलों पर समय रहते सख्ती नहीं हुई तो आने वाले दिनों में छोटी-छोटी बातों को लेकर बड़ी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
शराब दुकानों और उनके आसपास होने वाले विवादों को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में भगवानपुर क्षेत्र में हुई इस घटना ने पुलिस की निगरानी और अपराधियों में कानून का खौफ बनाए रखने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना के बाद गांधीनगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि महज 70 रुपये के विवाद को खूनी संघर्ष में बदलने वाले आरोपियों पर पुलिस कितनी सख्ती करती है और शहर में इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।










