रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सरकार पर कांग्रेस अविश्वास जता रही है, उसी सरकार को जनता ने विधानसभा, लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों में लगातार समर्थन दिया है। उनके अनुसार, जनता ने कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका सौंपी है, इसलिए सरकार की जनस्वीकृति पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कई चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को आर्थिक सहायता सहित कई घोषणाएं अधूरी रहीं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस शासनकाल को कथित शराब, कोयला, डीएमएफ, राशन, महादेव ऐप और पीएससी भर्ती विवाद जैसे मामलों से जोड़ते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पीएससी मामले की जांच सीबीआई को सौंपकर युवाओं का विश्वास बहाल करने का प्रयास किया।
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना के विस्तार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन जैसे कई फैसले लागू किए गए हैं। उनका दावा था कि पूर्व में रुकी या कमजोर हुई कई योजनाओं को दोबारा गति दी गई है।
महिलाओं के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में लाभार्थियों के खातों में सीधे राशि भेजी गई है। स्व-सहायता समूहों को नए अवसर दिए गए हैं और संपत्ति पंजीयन में महिलाओं को दी जा रही रियायतें आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कृषि क्षेत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, बिजली सब्सिडी और कृषि अधोसंरचना में निवेश बढ़ाया गया है। सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण और ग्रामीण सेवाओं के विस्तार से किसानों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
आदिवासी कल्याण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया, चरणपादुका योजना को दोबारा शुरू किया गया और वनाधिकार से जुड़े कई निर्णय लिए गए। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने का दावा किया।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है, डायल-112 सेवा का विस्तार हुआ है और साइबर अपराधों से निपटने के लिए नए साइबर थाने स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारी चयन मंडल के गठन, पुलिस भर्ती, नए मेडिकल कॉलेज, एआई मिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायता, आईटीआई उन्नयन और नवा रायपुर को शिक्षा एवं नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने जैसी पहलों का उल्लेख किया।
औद्योगिक निवेश के विषय में उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई।
ऊर्जा क्षेत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रियायती बिजली से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बड़ी संख्या में घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बिजली बिल समाधान योजना के तहत लाखों उपभोक्ताओं का सरचार्ज माफ किए जाने का भी उल्लेख किया।
खनिज क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान जिला खनिज संस्थान निधि (डीएमएफ) के उपयोग में अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने डिजिटल प्रणाली और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए खनिज राजस्व बढ़ाने तथा डीएमएफ राशि से विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया है।
पर्यावरण संरक्षण पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है। वृक्षारोपण अभियान, वन क्षेत्र के संरक्षण और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहलें इसी दिशा में किए गए प्रयास हैं।
प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बायोमेट्रिक उपस्थिति, ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, ऑटो म्यूटेशन, स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय, सुशासन तिहार और सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने धारा 370, अयोध्या में राम मंदिर और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है।
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव तथ्यों से अधिक राजनीतिक आरोपों पर आधारित है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता का समर्थन सरकार के साथ है और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी।










