सूरजपुर। पिता की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पुत्र को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला सूरजपुर के सत्र न्यायालय में सुनाया गया। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सत्र न्यायाधीश थामस एक्का ने आरोपी भुवन को हत्या का दोषी माना।
मामला सूरजपुर जिले के चेंद्रा चौकी क्षेत्र के ग्राम रैसरी का है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी भुवन ने अपने पिता खेमसाय की टांगी मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय आरोपी की उम्र महज 19 वर्ष थी।
बताया गया कि मृतक खेमसाय के आए दिन शराब का सेवन करने और घर में विवाद करने को लेकर परिवार में तनाव की स्थिति बनी रहती थी। इसी विवाद के बीच आरोपी पुत्र भुवन ने अपने पिता पर टांगी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मामले की जांच पुलिस ने शुरू की और आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।
साक्ष्यों के आधार पर अदालत का कड़ा फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सत्र न्यायाधीश थामस एक्का ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी भुवन को हत्या का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद हत्या के इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई।
कम उम्र में पिता की हत्या जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देने और उसके बाद अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिलने का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।










