एमसीबी | छत्तीसगढ़ हेडलाइन कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को उनके अधिकारों व जिम्मेदारियों से परिचित कराने के उद्देश्य से सोमवार को मनेन्द्रगढ़ स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्रों, शिक्षकों और नागरिकों को संवैधानिक अधिकार, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति अभियान तथा निःशुल्क विधिक सहायता जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।


कार्यक्रम में तालुका विधिक सेवा समिति, मनेन्द्रगढ़ के अध्यक्ष यशवंत वासनिकर एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राकेश सिंह सोरी ने कहा कि कानून केवल अदालतों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने का आह्वान किया।
साइबर अपराधों से बचाव के दिए व्यावहारिक सुझाव
विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी से भी ओटीपी, बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
सड़क सुरक्षा और POCSO कानून पर विशेष जोर
शिविर में विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने की अपील की गई। साथ ही POCSO Act के तहत बच्चों के अधिकारों, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा और किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
निःशुल्क कानूनी सहायता और लोक अदालत की जानकारी
अधिकार मित्र अजय विश्वकर्मा (थाना मनेन्द्रगढ़) और अंजनी यादव (थाना झगराखांड) ने राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कम खर्च और त्वरित न्याय की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।
नशा मुक्ति का संदेश भी दिया गया
राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी साझा की गई।
छात्रों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए सरल जवाब
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कानूनी विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, कानूनी जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन निष्कर्ष:
यह विधिक साक्षरता शिविर केवल कानूनी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, सड़क सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें एक जिम्मेदार एवं सजग नागरिक बनने की प्रेरणा देने वाला प्रभावी मंच साबित हुआ।










