832 किसान प्राकृतिक खेती से कर रहे जीराफूल धान का उत्पादन, ब्रांडिंग-पैकेजिंग और विपणन से बढ़ रही बाजार पहुंच
कोरिया। 17 अगस्त 2026। कोरिया जिले की पारंपरिक पहचान से जुड़ा सुगंधित जीराफूल चावल अब प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठन (FPO) के प्रभावी मॉडल के जरिए नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से जीराफूल धान का उत्पादन केवल खेतों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संगठित तरीके से इसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि विभाग के उप संचालक श्री राजेश भारती के अनुसार, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में जिले में FPO से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान का उत्पादन कर रहे हैं। किसान खेती में जीवामृत और बीजामृत जैसे जैव-आधारित इनपुट का उपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता, प्रमाणन और आकर्षक पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
खेत से बाजार तक FPO बना मजबूत कड़ी
जीराफूल धान को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सोनहत गौरव एग्रोफेड कृषक उत्पादक बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। FPO के माध्यम से किसानों की उपज के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को व्यवस्थित रूप दिया जा रहा है। इस मॉडल से किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंच बनाने के साथ अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। यानी अब किसान केवल उत्पादन करने वाले नहीं, बल्कि अपनी उपज को बाजार तक पहुंचाने वाली पूरी श्रृंखला का हिस्सा बन रहे हैं।
प्राकृतिक खेती से मूल्य संवर्धन तक तैयार हुई श्रृंखला
जीराफूल की प्राकृतिक खेती से लेकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, प्रमाणन, पैकेजिंग और FPO के माध्यम से विपणन तक एक पूरी ‘खेत से बाजार’ मूल्य श्रृंखला विकसित की जा रही है। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कोरिया में जीराफूल धान की प्राकृतिक खेती और FPO मॉडल से जुड़े प्रयासों की सराहना की है। प्राकृतिक खेती से तैयार जीराफूल चावल को PGS-प्राकृतिक खेती प्रमाणन के साथ बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे जिले के पारंपरिक जीराफूल चावल को प्राकृतिक एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद के रूप में अलग पहचान मिलने की संभावना बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने भी किसानों के प्रयासों को सराहा
कोरिया के जीराफूल चावल को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी जिले के किसानों के प्रयासों की सराहना की है। पारंपरिक कृषि उत्पाद को प्राकृतिक खेती, FPO और आधुनिक विपणन व्यवस्था से जोड़ने की पहल किसानों के लिए नए बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर पैदा कर रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैव-इनपुट तैयार करने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और FPO के माध्यम से विपणन के संबंध में लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य कोरिया के स्थानीय एवं पारंपरिक कृषि उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।
कोरिया का जीराफूल अब सिर्फ एक पारंपरिक धान नहीं, बल्कि प्राकृतिक खेती, किसान संगठन और आधुनिक बाजार व्यवस्था से जुड़कर एक उभरता हुआ स्थानीय ब्रांड बन रहा है। खेत से बाजार तक FPO इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आया है।
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