जांजगीर-चांपा। लोन दिलाने के नाम पर कथित ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक करोड़ रुपये का लोन दिलाने का सब्जबाग दिखाकर चांपा के कारोबारी से 10 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में कुलदीप वशिष्ट को पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि कुलदीप वशिष्ट ने चांपा निवासी आशुतोष अग्रवाल को अपने जाल में फंसाया और UCO बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन दिलाने का भरोसा दिया। लोन दिलाने की आड़ में पीड़ित से कथित तौर पर कुल 10 लाख रुपये ले लिए गए।
फर्जी कागजों का ‘खेल’, लोन स्वीकृति पत्र तक तैयार
मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का है। बताया गया है कि पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी लोन स्वीकृति पत्र, बैंक के मोनो और कथित फर्जी हस्ताक्षर का सहारा लिया गया। कागजों के जरिए ऐसा माहौल तैयार किया गया कि पीड़ित को लगे कि उसका एक करोड़ रुपये का लोन वास्तव में स्वीकृत हो चुका है। लेकिन जब लोन की रकम नहीं मिली और दस्तावेजों पर सवाल उठने लगे तो कथित ठगी का पूरा खेल सामने आने लगा।
₹10 लाख गए, लोन का कहीं अता-पता नहीं
एक करोड़ रुपये का लोन मिलने की उम्मीद में आशुतोष अग्रवाल कथित तौर पर 10 लाख रुपये गंवा बैठे। लोन नहीं मिलने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत 16 जून 2025 को चांपा थाने में की थी। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई।
इंदौर तक पहुंची पुलिस, आखिरकार गिरफ्त में आरोपी
जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची और मध्य प्रदेश के इंदौर से कुलदीप वशिष्ट को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है। आर्थिक लेन-देन और कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या लोन दिलाने के नाम पर इसी तरह और लोगों को भी निशाना बनाया गया था?
बड़ा सवाल—क्या सिर्फ एक व्यक्ति था निशाना
एक करोड़ रुपये के लोन का सपना, फर्जी दस्तावेजों का कथित जाल और 10 लाख रुपये की ठगी के आरोप ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की आगे की जांच में यह साफ हो सकेगा कि मामला केवल एक पीड़ित तक सीमित है या इसके तार कहीं और भी जुड़े हैं।
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