तिल्दा-नेवरा | रायपुर जिले के औद्योगिक नगर तिल्दा-नेवरा में गुरुवार की सुबह आम दिनों से अलग थी। घड़ी में सुबह के पांच बजे ही थे, लेकिन नेवरा थाना परिसर में लोगों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। कोई दस्तावेज हाथ में लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा था तो कोई पुलिस अधिकारियों को जानकारी दे रहा था। वजह थी पुलिस का विशेष सत्यापन अभियान, जिसके जरिए अवैध प्रवासियों, संदिग्ध व्यक्तियों और किरायेदारों की पहचान कर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कवायद शुरू की गई।
थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में सबसे पहले उन बाहरी मजदूरों और कर्मचारियों का सत्यापन किया गया, जो तिल्दा-नेवरा के विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हैं और शहर में किराये के मकानों में रह रहे हैं। पुलिस का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन उनमें से कई का अब तक पुलिस रिकॉर्ड में सत्यापन दर्ज नहीं था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों की जांच, पहचान का मिलान और निवास संबंधी जानकारी दर्ज की गई। पुलिस का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड अपडेट करना नहीं, बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है।
अभियान के दौरान थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने शहर और आसपास के सभी मकान मालिकों से अपील की कि वे अपने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। उन्होंने साफ कहा कि किरायेदारों की जानकारी छिपाना या पुलिस को सूचना नहीं देना भविष्य में कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि तिल्दा-नेवरा में रहने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का सत्यापित रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।










