रेस्क्यू के बाद बेकाबू हुआ भालू, महिला और 12 वर्षीय बालक पर हमला; वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल

भरतपुर (एमसीबी)। एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के च्युल गांव में वन विभाग के रेस्क्यू अभियान के बाद एक बड़ा हादसा सामने आया है। कुएं में गिरे भालू को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया अभियान उस समय सवालों के घेरे में आ गया, जब बाहर निकलते ही भालू ने गांव में घुसकर एक महिला और 12 वर्षीय बालक पर हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, भालू के कुएं में गिरने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रेस्क्यू के दौरान सुरक्षा घेरा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। जैसे ही भालू बाहर आया, वह सीधे आबादी की ओर भागा और रास्ते में महिला व बालक पर हमला कर दिया।

घायलों को तत्काल जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार बालक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। उनका कहना है कि यदि भालू को बेहोश कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाता या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

ग्रामीणों के मुताबिक, इसी दिन भालू द्वारा तीन लोगों पर हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। लोगों ने वन विभाग से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने, घायल लोगों का समुचित इलाज कराने और रेस्क्यू अभियान में बरती गई कथित लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल वन विभाग की टीम गांव में मौजूद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग की ओर से भालू की निगरानी के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच की बात कही जा रही है।

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