चिरमिरी/MCB, 03 अगस्त 2026। चिरमिरी की सड़कों पर खुले घूम रहे मवेशियों और उनसे पैदा हो रहे दुर्घटनाओं के खतरे को लेकर ‘छत्तीसगढ़ हेडलाइन’ ने 2 अगस्त को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर शहर की गंभीर समस्या को सामने रखा था। अब इसी मुद्दे पर प्रशासन का सख्त रुख सामने आया है। सड़क पर मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
‘छत्तीसगढ़ हेडलाइन’ ने “चिरमिरी की सड़कों पर आवारा मवेशियों का साम्राज्य, हर दिन मौत को दावत दे रहे शहर के रास्ते” शीर्षक से प्रकाशित खबर में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और व्यस्त सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े की समस्या को प्रमुखता से उठाया था।
रिपोर्ट में बताया गया था कि सड़क के बीच बैठे और अचानक वाहनों के सामने आ जाने वाले मवेशियों के कारण दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। खबर में स्थानीय नागरिकों की मांग को भी प्रमुखता दी गई थी कि मवेशियों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और अपने पशुओं को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन ने पशुपालकों को दी सख्त चेतावनी
इसी समस्या को लेकर प्रशासन ने भी कड़ा रुख अपनाया है। 1 अगस्त को जनपद पंचायत सभाकक्ष में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार की अध्यक्षता में पशुपालकों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़कों पर खुले घूम रहे मवेशियों के कारण उत्पन्न समस्याओं, सड़क दुर्घटनाओं तथा न्यायालय एवं शासन के दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सड़क पर मवेशी छोड़ा तो लगेगा जुर्माना
एसडीएम लिंगराज सिदार ने पशुपालकों को स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखें और उनके रखरखाव की समुचित व्यवस्था करें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई पशुपालक अपने मवेशियों को सड़क पर खुला छोड़ता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि सड़क पर खुले छोड़े गए मवेशी यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ आम नागरिकों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित प्रमुख मार्गों पर मवेशियों की मौजूदगी से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
हाईकोर्ट और शासन के निर्देशों का होगा पालन
बैठक में अधिकारियों ने पशुपालकों एवं जनप्रतिनिधियों को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क पर आवारा मवेशियों की समस्या को समाप्त करना संबंधित विभागों के साथ पशुपालकों और नागरिकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए चलेगा अभियान
स्थानीय निकाय, पशु चिकित्सा विभाग एवं संबंधित विभागों के समन्वय से अभियान चलाकर सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा पशुपालकों को जागरूक करने का काम किया जाएगा।
नागरिकों से भी अपील की गई है कि सड़क पर आवारा मवेशी दिखाई देने पर संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, पार्षदगण, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन लगातार उठाता रहेगा जनहित के मुद्दे
चिरमिरी की सड़कों पर मवेशियों की समस्या केवल यातायात की परेशानी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ‘छत्तीसगढ़ हेडलाइन’ ने इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से सामने रखा था। प्रशासन की सख्ती के बाद अब उम्मीद है कि निर्देश धरातल पर भी प्रभावी रूप से लागू होंगे और शहर की सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाले हादसों के खतरे में कमी आएगी।
‘छत्तीसगढ़ हेडलाइन’ जनहित और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को इसी तरह प्रमुखता से उठाता रहेगा।
चिरमिरी की सड़कों पर आवारा मवेशियों का साम्राज्य, हर दिन मौत को दावत दे रहे शहर के रास्ते










