अंबिकापुर। एक-दो नहीं, दर्जनों गड्ढे.. कहीं सड़क नजर नहीं आती तो कहीं सड़क के गड्ढे बारिश के पानी से तालाब का रूप ले चुके हैं। सवाल अब यह है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क? बरसात ने अंबिकापुर की बदहाल सड़कों की तस्वीर पूरी तरह उजागर कर दी है। स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाला अंबिकापुर अब जर्जर सड़कों और जानलेवा गड्ढों को लेकर चर्चा में है। सड़कों की बदहाली से परेशान लोगों का गुस्सा भी अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। लोगों ने गड्ढों में भरे पानी में नहाकर अनोखा प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों वाले संभाग में सड़कें बेहाल
सरगुजा संभाग, जहां मुख्यमंत्री समेत पांच मंत्रियों का राजनीतिक प्रभाव है, वहां सड़कों की हालत सवालों के घेरे में है। बारिश के दिनों में कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब हैं और बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं।
विडंबना यह है कि इन्हीं सड़कों से मंत्री, विधायक और सांसद के काफिले भी गुजरते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से बदहाल सड़कों की तस्वीर बदलती नजर नहीं आ रही। हर साल सड़क निर्माण और मरम्मत के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही सरकारी दावों की असलियत सामने आ जाती है। सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि समस्या लगातार सामने आने के बावजूद जिम्मेदार व्यवस्था इसका स्थायी समाधान नहीं कर पा रही है।
गड्ढों में भरे पानी में नहाकर लोगों ने किया अनोखा प्रदर्शन।
गड्ढे भरने के नाम पर डाले बोल्डर, अब बढ़ी परेशानी
राहगीरों का कहना है कि सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। गड्ढों को भरने के लिए वैकल्पिक तौर पर बड़े-बड़े बोल्डर डाले गए, लेकिन यही व्यवस्था अब परेशानी का नया कारण बन गई है। बोल्डरों के बीच वाहनों के फंसने से जाम की स्थिति बन रही है और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है। नाराज लोगों ने अंबिकापुर की बदहाल सड़कों पर तंज कसते हुए शहर का नाम ‘अंबिकापुर’ से ‘गड्ढापुर’ रखने तक की बात कह दी।
भाजपा संगठन मंत्री की गाड़ी फंसी, तब जागा प्रशासन?
सड़कों की बदहाली को लेकर उस समय मामला और गरमा गया, जब भाजपा संगठन मंत्री की गाड़ी जर्जर सड़क पर फंस गई। इसके बाद अधिकारियों को फटकार लगाई गई और सड़क के गड्ढों को भरने का काम शुरू हुआ। वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का कहना है कि सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बारिश शुरू हो गई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। मंत्री ने दावा किया है कि आने वाले दो-चार दिनों में अंबिकापुर से होकर गुजरने वाली प्रमुख सड़कों की रिपेयरिंग पूरी कर ली जाएगी।
रायगढ़-बनारस-बलरामपुर जोड़ने वाली सड़कें भी बदहाल
अंबिकापुर को रायगढ़, बनारस और बलरामपुर से जोड़ने वाली प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। इन सड़कों को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण किया और जल्द निर्माण एवं मरम्मत का भरोसा दिलाया, लेकिन जमीनी तस्वीर में अब भी ज्यादा बदलाव नजर नहीं आ रहा।
अब सवाल सीधे सरकार और जिम्मेदार विभाग से है—आखिर हर साल सड़क निर्माण और मरम्मत के दावे क्यों किए जाते हैं, अगर बारिश आते ही सड़कें फिर गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं?
ट्रिपल इंजन की भाजपा सरकार के कार्यकाल में सरगुजा के लोग बेहतर सड़कों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें गड्ढों और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। सरकार ने एक बार फिर जल्द सड़क दुरुस्त करने का दावा किया है।
अब देखना होगा कि सरकारी दावों और सड़क की जमीनी हकीकत के बीच की दूरी आखिर कब खत्म होती है और अंबिकापुर की जनता को गड्ढों से मुक्ति कब मिलती है।










