नई दिल्ली/छत्तीसगढ़ हेडलाइन।देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। यह निर्णय धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद लिया गया। प्रह्लाद जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
इधर, मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। इसी क्रम में कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने देश के कई हिस्सों में धरना-प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर छात्रों के हितों की रक्षा के लिए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा मंत्रालय में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब परीक्षा प्रणाली, छात्रों के भविष्य और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दे राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं। ऐसे में नए नेतृत्व के सामने शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने और लंबित सुधारों को आगे बढ़ाने की चुनौती रहेगी।
केंद्र सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार की प्रक्रिया जारी रहेगी और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना केवल नेतृत्व परिवर्तन पर्याप्त नहीं होगा।










