नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ हेडलाइन देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की चिंताओं का समाधान संवाद के माध्यम से करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सरकार को बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास करना चाहिए।
अपने पत्र में अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि यदि सरकार इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए कोई बड़ा निर्णय लेती है, तो इससे सरकार की छवि कमजोर नहीं होगी, बल्कि जनता के बीच पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का संदेश जाएगा।
उन्होंने छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध-प्रदर्शन का समाधान बल प्रयोग नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास के जरिए निकाला जाना चाहिए। अन्ना हजारे ने महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों का हवाला देते हुए सरकार और छात्रों के बीच सकारात्मक बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।
गौरतलब है कि कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है। वहीं केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने की बात कह रही है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अब तक कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन की नजर
यह पूरा मामला अब केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं है। देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, छात्रों का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जनता का भरोसा भी इस बहस के केंद्र में है। आने वाले समय में केंद्र सरकार के कदम और इस मुद्दे पर होने वाले निर्णय पर पूरे देश की नजर रहेगी।










