सूरजपुर में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क के साथ तीन गिरफ्तार

सूरजपुर | छत्तीसगढ़ हेडलाइनछत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक बाघ की खाल, पैंगोलिन के शल्क (स्केल) तथा घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद बाघ की खाल करीब पांच से छह माह पुरानी बताई जा रही है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ क्राइम ब्यूरो से प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर की गई। सूचना में सूरजपुर क्षेत्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद विशेष टीमों का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया गया।

तस्करों तक पहुंचने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने खुद को संभावित खरीदार के रूप में पेश किया। जैसे ही सौदे की प्रक्रिया शुरू हुई, पहले से तैनात टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान बाघ की खाल, पैंगोलिन के शल्क और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।

प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी वन्यजीवों की अवैध तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। वन विभाग अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटा है।

वन विभाग ने जब्त सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ और पैंगोलिन जैसे संरक्षित जीवों की तस्करी जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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