छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम, न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सरकार के अनुसार समिति विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने, भरण-पोषण तथा अन्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगी। इसके अलावा सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, विभिन्न समुदायों और आम नागरिकों से सुझाव भी लिए जाएंगे, ताकि तैयार होने वाला मसौदा व्यापक और व्यवहारिक हो।
राज्य सरकार का कहना है कि समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय की जाएगी। इस पहल को राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए पारिवारिक और व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। यह विषय लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रहा है और अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करने के दौरान विभिन्न राज्यों के अनुभव, वर्तमान कानूनी प्रावधानों और संविधान के प्रासंगिक प्रावधानों का भी अध्ययन करेगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस निर्णय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले समय में समिति की कार्यवाही और उसकी सिफारिशों पर सभी की नजर रहेगी।

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!