छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, मंत्रालय से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक लागू होगा आदेश; विशेष परिस्थिति में एक ही डेस्क पर रखने के लिए देनी होगी लिखित वजह
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में वर्षों से एक ही कार्य-पटल पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब किसी अधिकारी-कर्मचारी को लंबे समय तक एक ही तरह की जिम्मेदारी पर बनाए रखने की व्यवस्था पर अंकुश लगेगा। शासन ने प्रत्येक तीन वर्ष में कार्य-पटल (Desk Assignment) का अनिवार्य फेरबदल (Reshuffling) करने के निर्देश जारी किए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 3 अगस्त 2026 को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। इसका असर राज्य के विभागों से लेकर विभागाध्यक्ष कार्यालय, संभाग आयुक्त कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय और अधीनस्थ कार्यालयों तक दिखाई देगा।
वर्षों से एक ही डेस्क पर जमे हैं? अब बदलेगी जिम्मेदारी
शासन ने अपने आदेश में माना है कि विभिन्न विभागों और कार्यालयों में कई अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान अथवा एक ही कार्य-पटल पर कार्यरत रहते हैं। सरकार का तर्क है कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और समग्र विकास के लिए जरूरी है कि उन्हें अलग-अलग कार्यालयीन कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिले। इसी उद्देश्य से अब हर तीन वर्ष में डेस्क बदलना अनिवार्य किया गया है।
इस फेरबदल से कर्मचारियों को अलग-अलग कार्य प्रक्रियाओं, नियमों और कार्यालयीन व्यवस्थाओं को समझने का अवसर मिलेगा और शासन को उम्मीद है कि इससे प्रशासनिक कामकाज भी अधिक प्रभावी होगा।
खास परिस्थिति में ही मिलेगी पुराने डेस्क पर बने रहने की अनुमति
सरकार ने आदेश में एक महत्वपूर्ण प्रावधान भी रखा है। यदि विशेष परिस्थितियों में किसी अधिकारी या कर्मचारी को उसी कार्य-पटल पर बनाए रखना आवश्यक हो, तो ऐसा किया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की लिखित और कारणयुक्त अनुमति अनिवार्य होगी। यानी अब किसी अधिकारी-कर्मचारी को तीन वर्ष से अधिक समय तक उसी डेस्क पर बनाए रखने के पीछे प्रशासन को बाकायदा कारण दर्ज करना होगा।
कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी तय
सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का समयबद्ध और प्रभावी पालन सुनिश्चित करें। कार्य-पटल परिवर्तन से संबंधित आवश्यक अभिलेख और विवरण भी कार्यालय स्तर पर संधारित किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत द्वारा जारी यह परिपत्र तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।










