एमसीबी/मनेंद्रगढ़। शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिष्ठान खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन शिक्षा, नई शिक्षा नीति, कौशल विकास और भविष्य की संभावनाओं के संबंध में मार्गदर्शन देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, व्यवहारिक ज्ञान, तकनीकी समझ और बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करने पर जोर दिया।
बड़ा लक्ष्य रखें, सफलता के लिए निरंतर मेहनत करें : कलेक्टर
एमसीबी कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में हमेशा बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक समय वह भी विद्यार्थियों की तरह मंच के नीचे बैठकर अतिथियों के विचार सुना करती थीं। उस समय उन्होंने अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया और उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया।
कलेक्टर ने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके अनुरूप ईमानदारी से मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने और महाविद्यालयीन जीवन में मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
AI के दौर में समय के साथ बदलना जरूरी : मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदल रहा है। आज हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में प्रवेश कर चुके हैं, जहां तकनीक हमारे जीवन और कार्यप्रणाली को तेजी से प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान, कौशल, व्यक्तित्व विकास और बदलती तकनीक की समझ विकसित करना भी जरूरी है। समय की आवश्यकता के अनुसार विद्यार्थियों को स्वयं को लगातार अपडेट करते रहना होगा।
एमसीबी में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे महत्वपूर्ण कार्य
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ का यह महाविद्यालय क्षेत्र का एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान है और इसे प्रदेश के प्रमुख महाविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में एमसीबी जिले को शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। जिले में 8 व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों की स्थापना को उन्होंने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वहीं लाहिड़ी महाविद्यालय में अब 9 विषयों में स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ के विभिन्न विकास कार्यों के लिए लगभग 1 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जिले के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर कम जाना पड़े और उन्हें बेहतर शिक्षण सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हों।
NEP 2020 के अनुरूप सर्वांगीण विकास पर जोर
दीक्षारंभ समारोह में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार, तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक शिक्षा के महत्व पर चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यवहारिक कौशल और बदलती तकनीक की समझ भी विकसित करनी होगी।
समारोह के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें मिष्ठान खिलाकर महाविद्यालय परिवार में औपचारिक रूप से प्रवेश का स्वागत किया गया। कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
समारोह के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले, वीरेंद्र सिंह राणा, लखन लाल श्रीवास्तव, अंकित जायसवाल, विधायक प्रतिनिधि, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को मिला सफलता का संदेश
दीक्षारंभ समारोह ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन की नई शुरुआत के साथ स्पष्ट संदेश दिया—बड़ा लक्ष्य निर्धारित करें, निरंतर मेहनत करें, समय और तकनीक के साथ स्वयं को बदलें तथा शिक्षा के साथ जीवनोपयोगी कौशल विकसित करें।










