जनमन योजना का पुल पहली बारिश में बहा, 12 किसानों की फसल बर्बाद; ठेकेदार पर FIR की मांग

एमसीबी/भरतपुर। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ग्राम पंचायत कुदरा में कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया निर्माण के चलते बनाया गया पुल पहली ही बारिश में टूटकर बह गया। पुल के टूटने के बाद नदी का पानी खेतों में घुस गया, जिससे 12 किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद होने का दावा किया जा रहा है।

पहली बारिश ने खोल दी निर्माण की पोल

ग्रामीणों के मुताबिक, पुल निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। बारिश के दौरान नदी में पानी का बहाव बढ़ते ही पुल उसका दबाव नहीं झेल सका और देखते ही देखते क्षतिग्रस्त होकर बह गया। पुल टूटने के बाद पानी का रुख सीधे किसानों के खेतों की ओर हो गया।

12 किसानों की फसल बर्बाद, लाखों के नुकसान का दावा

बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से करीब 12 किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में लगी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार इस नुकसान से किसानों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।

फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने अब आगामी कृषि सीजन और परिवार की आर्थिक जरूरतों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

पुल के टूटने और फसल बर्बाद होने की घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। किसानों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश

मामले को लेकर भरतपुर एसडीएम ने कहा कि घटना संज्ञान में आई है। तकनीकी अमले को मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी की जाएगी।

अब बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हुए इस निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई और पहली बारिश में ही पुल के बह जाने के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? तकनीकी जांच की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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