चिरमिरी। बरतुंगा से बड़ा बाजार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग को SECL प्रबंधन द्वारा बंद किए जाने के बाद पैदा हुई आवागमन की समस्या अब प्रशासन के स्तर पर पहुंच गई है। स्थानीय नागरिकों की परेशानी और बरतुंगा बचाओ समिति की लगातार मांगों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल शुक्रवार को बरतुंगा पहुंचे और मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का जायजा लिया।
मंत्री ने बंद मार्ग का स्थल निरीक्षण करते हुए स्थानीय नागरिकों, बरतुंगा बचाओ समिति, SECL प्रबंधन, वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझने के साथ ही वैकल्पिक मार्ग की संभावनाओं का भी मौके पर निरीक्षण किया।
मुख्य मार्ग बंद होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
बरतुंगा-बड़ा बाजार मुख्य मार्ग स्थानीय लोगों के लिए रोजमर्रा के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता रहा है। मार्ग बंद होने के बाद पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली विद्यार्थियों और कामकाजी नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय लोगों ने मंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और तत्काल आवागमन की व्यवस्था बहाल करने की मांग रखी।
पैदल और दोपहिया वाहनों के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग
स्थल निरीक्षण के बाद SECL प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आम जनता की परेशानी को देखते हुए समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहनों के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही SECL प्रबंधन, वन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसा वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों को तत्काल राहत मिल सके और भविष्य में भी आवागमन बाधित न हो।
बरतुंगा बचाओ समिति की मांग पर प्रशासन सक्रिय
मुख्य मार्ग बंद होने के बाद से बरतुंगा बचाओ समिति लगातार इस मुद्दे को प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने उठा रही थी। समिति का कहना था कि मार्ग बंद होने से लोगों की दैनिक जिंदगी सीधे प्रभावित हो रही है और सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते के अभाव में नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मंत्री के मौके पर पहुंचने और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद स्थानीय नागरिकों और समिति के सदस्यों में जल्द समाधान की उम्मीद जगी है।
तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग बनने से फिलहाल राहत मिल सकती है, लेकिन बरतुंगा क्षेत्र के लिए स्थायी, सुरक्षित और सुगम सड़क मार्ग जरूरी है। इसके लिए SECL प्रबंधन के साथ वन, राजस्व और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
अब मंत्री के निर्देश के बाद लोगों की नजर SECL प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक मार्ग को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है। वहीं बरतुंगा बचाओ समिति और स्थानीय नागरिकों ने समस्या का संज्ञान लेकर मौके पर पहुंचने तथा त्वरित समाधान की पहल करने के लिए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार जताया है।
छत्तीसगढ़ हेडलाइन | चिरमिरी










