एमसीबी/खड़गवां। नशे की गिरफ्त में फंसती युवा पीढ़ी को बचाने और नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-आंदोलन में बदलने की दिशा में रविवार, 2 अगस्त 2026 को देशव्यापी अभियान की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। देशभर में हजारों स्थानों पर युवा, विद्यार्थी और नागरिक इस अभियान से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
इसी कड़ी में मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के खड़गवां विकासखंड अंतर्गत पोड़ी़डीह स्थित पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम में शामिल हुए और विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना।
नशे के खिलाफ युवाओं ने लिया संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने तथा समाज में भी नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन के दौरान विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका से जुड़े संदेश को सुना। कार्यक्रम में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाली प्रस्तुति भी दिखाई गई।
‘देश की सबसे बड़ी ताकत और धरोहर हैं युवा’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बदलते दौर में नशे के नए-नए स्वरूप युवाओं के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभर रहे हैं। एक बार नशे की गिरफ्त में आने के बाद उससे बाहर निकलना आसान नहीं होता, इसलिए विद्यार्थियों और युवाओं को शुरुआत से ही इसके
दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, “नशे से दूरी ही युवाओं की सबसे बड़ी ताकत है। देश युवा है और यही युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति और धरोहर हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होना बेहद जरूरी है।”
मंत्री जायसवाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से पूरी तरह दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-आंदोलन में बदलने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
100 सप्ताह तक नशे के खिलाफ चलेगी मुहिम
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ को केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रखते हुए इसे व्यापक जन-जागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान करीब 100 सप्ताह तक चलाया जाएगा।
इस दौरान देशभर में विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ स्वस्थ और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के शुभारंभ अवसर पर देशभर में 10 हजार से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने और एक करोड़ से अधिक युवाओं के नशामुक्ति की शपथ से जुड़ने की बात सामने आई।
नशामुक्त युवा ही ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि नशा केवल किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार, समाज और देश की प्रगति को भी प्रभावित करता है। ऐसे में युवा शक्ति को नशे से बचाना विकसित भारत के लक्ष्य से सीधे जुड़ा विषय है।
यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार, खेल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा लगाएं तो देश की विकास यात्रा को नई गति मिल सकती है।
पोड़ी़डीह में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने साथियों और समाज को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का संदेश साफ है—युवा नशे को नहीं, अपने भविष्य को चुनें; क्योंकि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव हैं।










