चिरमिरी | छत्तीसगढ़ हेडलाइन
एमसीबी जिले के चिरमिरी क्षेत्र में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा बरतुंगा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क को बंद किए जाने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय संगठन ‘बरतुंगा बचाओ मंच’ ने प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को अंतिम चेतावनी देते हुए 27 जुलाई को सांकेतिक धरना-प्रदर्शन, आमसभा तथा कोल परिवहन रोकने की घोषणा की है।
मंच की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चिरमिरी को ज्ञापन सौंपकर कहा गया है कि यदि आम जनता के उपयोग में आने वाली सड़क को बंद किया गया तो इससे क्षेत्रवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। संगठन का कहना है कि नई अथवा वैकल्पिक सड़क पूरी तरह तैयार किए बिना पुरानी सड़क को बंद करना जनहित के खिलाफ होगा।
मंच के पदाधिकारियों का आरोप है कि इससे पहले भी 8 जुलाई को प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को ज्ञापन देकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
27 जुलाई को होगा विरोध प्रदर्शन
‘बरतुंगा बचाओ मंच’ के अनुसार 27 जुलाई (सोमवार) को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक फुलवरिया नाला के पास सांकेतिक धरना-प्रदर्शन और आमसभा आयोजित की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर कोल परिवहन भी रोका जाएगा।
मंच का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि इसके दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सड़क वर्षों से क्षेत्र के लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग रही है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना सड़क बंद करना आम जनता के हितों की अनदेखी होगी। लोगों ने प्रशासन से जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है।










