सरगुजा। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों के बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने जमीनी हकीकत की तस्वीर उजागर कर दी है। ग्राम पंचायत बिसरपानी के कदमटिकरा में ग्रामीण आज भी उफनते नाले को लकड़ी के सहारे पार करने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में यह रास्ता महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जान जोखिम में डालने वाली मजबूरी बन जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण तेज बहाव वाले नाले को बेहद खतरनाक तरीके से पार कर रहे हैं। नाले का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति और भयावह हो जाती है। इसके बावजूद रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों को इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
विधायक से गुहार, निरीक्षण भी हुआ—फिर निर्माण क्यों नहीं ?
ग्रामीणों का आरोप है कि नाले पर पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से गुहार लगाई गई। ग्रामीणों के मुताबिक विधायक द्वारा मौके का निरीक्षण भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक पुल निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का सवाल सीधा है—जब समस्या सामने है, निरीक्षण हो चुका है और हर बरसात में खतरा बढ़ रहा है, तो आखिर पुल निर्माण की फाइल किस इंतजार में अटकी हुई है?
बच्चों और मरीजों की जान पर सबसे बड़ा खतरा
बरसात के मौसम में नाले का बहाव तेज होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी दिन कोई बड़ा हादसा होने के बाद जिम्मेदारी तय करने से बेहतर है कि समय रहते पुल का निर्माण कराया जाए। हर साल बारिश आते ही कदमटिकरा के ग्रामीणों के सामने यही संकट खड़ा हो जाता है। विकास की बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बीच जमीनी स्तर पर लकड़ी के सहारे नाला पार करते ग्रामीण व्यवस्था से एक बड़ा सवाल पूछ रहे हैं।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन से जवाब की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है। अब ग्रामीण शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल पुल निर्माण शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार नहीं चाहिए। पुल चाहिए, आश्वासन नहीं। सुरक्षित रास्ता चाहिए, मजबूरी नहीं।
अब देखना होगा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह तस्वीर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की आंखें खोलती है या फिर कदमटिकरा के ग्रामीण अगली बरसात में भी उसी लकड़ी के सहारे अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे।










